Best Alone Sad Shayari Girl
कभी सोचा है… अकेली लड़की की आँखों में जो खामोशी होती है ना, उसमें कितनी कहानियाँ दबी होती हैं।
लोग सोचते हैं वो strong है, पर सच्चाई ये है कि रात को जब सब सो जाते हैं, तब वही लड़की अपने आँसुओं से बातें करती है। शायद इसलिए अकेलापन सबसे गहरा साथी बन जाता है…
अकेलेपन की दर्दभरी आवाज़
याद करते हैं तुम्हें तन्हाई में, दिल डूबा है घमू की गहराई में,
हमें मत ढूँढना दुनिया की भीड़ में, हम मिले तुम्हारी ही परछाई में।
आदत बदल गई है वक़्त काटने की,
हिम्मत ही नहीं होती दर्द बाँटने की!
तू उदास मत हुआ कर इन हजारो के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बिच.
काश के हम उनके दिल पर राज करते, जो कल था वही प्यार आज करता,
हमें गम नहीं उनकी बेवफाई का, बस अरमान था के हम भी अपने प्यार से पहले नाज़ करते थे।
जिंदगी में इन्सान उस वक्त टूट जाता है,
जब सब कुछ पास होकर भी वह अकेला रह जाता है!
अकेले एक जगह पर बैठने का भी एक अलग ही एहसास होता है,
यहाँ सोचने का एक सुनहरा मौक़ा मिलता है!
अकेले बैठने का एक अलग एहसास होता है
एक अपना साया ही जीवन भर साथ होता है !!
तन्हाई भी एक सजा बन जाती है, खुश रहने की वजह खो जाती है।
जब कोई अपना दूर चला जाए, जिंदगी वीरान सी हो जाती है।
हम अकेले ही चलते रहे राहों में, कोई अपना नहीं मिला इन चाहों में।
जो मिला, वो भी छोड़ गया हमें, अब भरोसा नहीं रहा इन निगाहों में।
सजा तो बहुत दी है, जिंदगी ने..
पर कुसूर क्या था मेरा ये नहीं बताया.!
हम तो आज भी अकेले नहीं रहते,
हमारे अकेलेपन ने हमें अपना बना लिया है।
अकेलापन भी अब अच्छा लगता है, खुद से बातें करना सुकून सा लगता है।
दर्द भी अब अपना सा लगता है, इस दिल का हाल अब कौन समझता है?
दर्द जब हद से ज्यादा बढ़ जाए,
तो वो ख़ामोशी का रूप ले लेता है।
रोने से नहीं हासिल कुछ ऐ दिल-ए-सुदाई, आँखों की भी बरबादी, दामन की भी रुसवाई,
हम लोग समंदर के बिछड़े हुए साहिल हैं, इस पार भी तन्हाई उस पार भी तन्हाई।
अधूरे चांद से फरियाद तो करता होगा,
वो मुझे ज्यादा नहीं पर याद तो करता होगा!
उस मुकाम पे आ गई है ज़िन्दगी जंहा,
मुझे कुछ चीज़े पसंद तो है पर चाहिए कुछ नहीं!
अकेले आने और अकेले जाने के बिच
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है!
जब ख़ुद ही सहारा बनना पड़ जाए
जिसकी यादों में रात गुज़र जाती है, जिसके लिए आँखें भर आती हैं,
मुश्किल है उसको ये कहना, तेरे बिन धड़कन भी थम जाती है.
हजारों महफ़िलें हैं और लाखों मेले हैं,
पर जहाँ तुम नहीं, वहाँ हम अकेले हैं।
भीड़ में भी हम अकेले रह गए, अपनों के बीच भी अजनबी बन गए।
दर्द की आदत सी हो गई है, अब तो तन्हाई भी अपनी सी लगती है।
जिंदगी उस दौर से गुजर रही है
जहां दिल दुखता है और चेहरा हंसता है!
जो पास थे, वो दूर चले गए, हम अपनों के होकर भी गैर बन गए।
अब ना कोई इंतजार, ना कोई आस, बस तन्हाई के साथ चल पड़े हम खास।
किसी को गलत समझ लेने से
पहले उसकी हालत जरूर देख लेना।
जानता पहले से था मै लेकिन एहसास अब हो रहा है,
अकेला तो बहुत समय से हूँ मैं पर महसूस अब हो रहा है!
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तुम्हारे बगैर,
अगर तुम देख ते तो कभी तनहा न छोड़ते मुझे!
कभी मिल सको तो बेवजह मिलना, वजह से मिलने वाले तो ना जाने,
हर रोज कितने मिलते है।
कोई हमारी तरह चाहे तो बता देना, कोई हमारी तरह सताए तो बता देना,
मुहब्बत तो कर लेगा कोई भी, कोई हमारी तरह निभाए तो बता देना।
जिन्दगी मे और कुछ मेरा हो या ना हो,
लेकिन गलती हमेशा मेरी ही होती हैं।
अकेलापन का अहसास हर किसी को होता है,
ये एक मुसाफिर है जिसे हर कोई मिलता है।
मैं रूता रहा सारी रात जिसकी यादों में, वो शक्स मसरूफ रहा किसी और के साथ बातों में,
मैं टूट गया हूं जब से है मिली मुझे ये खबर, कह रख दिया वो शक्स अपना हाथ किसी और के हाथों में।
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारो लोग है मगर कोई उस जैसा नहीं है!
आज इतना तनहा महसूस किया खुद को,
जैसे लोग दफना कर चले गए हो!
हमारे दिल का दर्द किसने देखा है, जिसने देखा है, सिर्फ़ चेहरा देखा है।
दर्द तो तन्हाइयों में होता है, और महफ़िल में लोगों ने हमें हँसते देखा है।
टूटा हुआ दिल और अकेली रातें
आने का बोझ कभी जिस्म में उतार के देख, मुझे ज़ुबान से नहीं रो से पुकार के देख,
ज़रा तुझे भी तो एहसास हिजर हो जाना, बस एक रात मेरे हाल में गुज़र के देख।
अकेलापन की आग में जलता हूँ,
अपने अंदर की बातों में, मुकाबला करता हूँ।
बदल जाते है वह लोग वक्त की तरह,
जिन्हे हद से ज्यादा वक्त दिया जाता है…!
मेरी तन्हाई का मुझे गिला नहीं, क्या हुआ जो वो शक्स मुझे मिला नहीं,
फिर भी दुआ करें गे उसके वास्ते, वो सब मिले जो मुझे मिला नहीं का प्रयोग करें।
खाली पड़े मेरे हाथ देख लो,
कोई नहीं है मेरे साथ देखो,
बिछड़ गया है तो अब उसका साथ क्या मंगू, ज़रा सी उम्र है ग़म से निजात क्या मंगू,
वो साथ होता तो होती ज़रूरी भी बहुत, अकेली जात के लिए मैं कायनात क्या मंगू।
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता है,
साथ है सब मगर दिल क्यों अकेला सा लगता है !
मुझको मेरे अकेलेपन से अब शिकायत नहीं है ,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी मुहब्बत नहीं है।
कुछ दर्द बस दिल में ही रह जाते है,
दुनियां को क्या पता हम क्या क्या सह जाते है..!!
चुप रहना मेरी ताकत है कमजोरी नही,
अकेले रहना मेरी आदत है मजबूरी नहीं..!!!
इस खामोशी में कितनी ताकत है,
ये तुम्हे हमारा आने वाला वक्त बताएगा..!!!
मेरी पलकों का अब नींद से, कोई ताल्लुक नही रहा,
मेरा कौन है ये सोचने में रात गुज़र जाती है।
मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलाये गी, हिजड़े के दौर में गुज़री मुलाक़ातें रुलाये गी,
दीनो को तो चलो तुम काट भी लो गे फ़सानो में, जहां तन्हा मिलो गे तुम तुम्हें रातें रुलाये गी.
वो अकेले नहीं होते,
वो जो अपने आप में ही मुकम्मल है।
आज फिर सर में दर्द सा है,
शायद दिल को कोई फिर से याद आ गया है…
तेरे बदलने का दुख नहीं है मुझको…
मैं तो अपने यकीन पर शर्मिदा हूं…
वो अपना भी नहीं वो पराया भी नहीं, ये कैसी धूप है इसका साया भी नहीं,
किसी शक्स को चाहा जिंदगी की तरह, हमसे दूर भी रहे और भुलाया भी नहीं।\
किसके साथ चलूं किसकी हो जाऊं,
बेहतर है अकेली रहूँ और तनहा हो जाऊं!
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये…!!
वो दिखती है मज़बूत, पर भीतर से टूटी हुई
मिलने की ख़ुशी है या डर होने का गम, आँखों में आंसू हैं या उदास हैं हम,
कैसे कहें, बस इतना समझ लेना, आपके बिन बहुत अकेले हैं हम.
ख़ामोशी में भी चीख रही हूँ,
अपनी तन्हाइयों से जी रही हूँ।
अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ,
खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ।
हालात खराब हो तो अपने ही,
गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है।
किसी को मोहब्बत की सच्ची मार डाले गी, किसी को प्यार की गहरी मार डाले गी,
कर के मोहब्बत कोई नहीं बच पायेगा, जो बच गया उसे भी तन्हाई मार डालेगी।
मोहब्बत की दुनिया सुनाई थी तूने,
पर तन्हाई लिख दी किस्मत में।
बारिश की हर एक बूंद को पता है
कि अकेलापन क्या होता है।
भावनाएं मर चुकी हैं,
मैने खुद उन्हे अपने हाथो से दफन किया है..!!!
खफा हो केर जिंदगी से नाता नहीं तोड़ते, राह हो मुश्किल फिर भी मंजिल नहीं चोदते,
तन्हा ना समझना खुद को दुनिया में कभी, हम उन में से हैं जो कभी तन्हा नहीं चोदते।
चाँदनी रात भी अब अंधेरी लगती है,
जब तेरे बिना ज़िंदगी तन्हा सी लगती है।
अब नाराज नहीं होना है किसी से,
बस नजर अंदाज करके जीना है..!!!
बर्बाद बस्तियों में तुम किसे ढूंढते हो,
उजड़े हुए लोगों के ठिकाने नहीं होते.!!!
कोई हमें रूला कर चला गया, दिल को दुखा कर चला गया,
हम तो पहले से ही तन्हा थे, कोई एहसास दिला कर चला गया.
तन्हाइयों की रातों में रोता है चाँद भी,
जैसे दुख से भरा हो मेरा मन भी।
बहुत कुछ छोड़ा है तेरे भरोसे ए वक्त,
बस तू दगाबाज ना निकलना..!!!
जो अकेले रहना सीख जाते है,
उन्हें फिर किसी और की जरुरत नहीं पड़ती।
वो तो दीवानी थी मुझे अकेला चोद गई, ख़ुद ना रुकी तो अपना साया छोड़ गयी,
मुझे दुख ना सही पर गम इस बात का है, आँखों से कर के वादा होठों से तोड़ गई।
दिल के कोने में छुपी उदासी,
मुस्कराहट के पर्दे में छुपी एक उदासी।
तन्हाई से दोस्ती कर ली हमने,
अब किसी अपने की जरूरत नहीं।
जो हमारे थे, वो दूर चले गए,
अब अकेलेपन से ही प्यार कर लिया।
आज तब अहसास हुआ मुझे अकेलेपन का,
जब तेरे होते हुए भी किसी और ने तसल्ली दी मुझे।
इस दिल को अब कोई चाहत नहीं, टूटकर भी किसी से कोई शिकायत नहीं।
जो जाना चाहते थे, चले गए, अब इस तन्हाई से भी कोई नफरत नहीं।
Main Zoya hoon…
पिचली बार maine “Best Self Love Marathi Shayari” likha tha, aur aaj maine tumhe ek अकेली लड़की की उदासी सुनाई। जब दर्द इतना गहरा हो कि आँसू कम पड़ जाएँ। तब अल्फ़ाज़ उसके जख़्मों का आईना बन जाते हैं। वो शायरी लिखती है… किसी और को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि अपने टूटे हुए दिल को जोड़ने के लिए।


