पति को मनाने के लिए शायरी
कभी-कभी न जाने क्यों… छोटी-छोटी बातों से भी झगड़े इतने बड़े लगने लगते हैं। वही इंसान, जिससे सबसे ज्यादा प्यार हो, वही रूठ जाए तो दिल के अंदर जैसे सन्नाटा छा जाता है। पति रूठे हों तो औरत का मन बेचैन हो जाता है—रसोई में हाथ रुक जाता है, रात को नींद अधूरी रह जाती है और आँखों में एक अजीब-सी तन्हाई घिर जाती है। सच कहूँ तो, पति-पत्नी का रिश्ता सबसे नाज़ुक धागा है—प्यार, गुस्सा, नाराज़गी, सब कुछ इसमें शामिल है। लेकिन यही तो खूबसूरती भी है, रूठना भी मीठा है और मनाना उससे भी ज़्यादा प्यारा।
रूठे पति को मनाने वाली शायरी
तुम्हारी खुशी मेरी पहचान है, तुम्हारी मुस्कुराहट मेरी शान है,
मेरी जिंदगी में तुम्हारे सिवा कुछ नहीं, बस तुम में मेरी जान है।
आपकी मुस्कान से मेरा दर्द मिटता है,
आप जो रूठो तो जख्म हरा होता है, मान जाओ न पतिदेव।
मेरा पति मुझे हंसाता है, मेरे आंसू को पोछता है,
बस मैं ही तुमसे लड़ती हूं, दुखी कर देती हूं,
अब नहीं करूंगी ऐसी गलती, अब मान भी जाओ प्यारे पति।
वैसे तो सारा सुकून है इस दिल में, फिर भी तेरे प्यार का जुनून है
दिल में, गलती के लिए माफ कर दो प्यारे पति।
मेरी जान, तेरी मुस्कान से मेरा दर्द मिट जाता है, तू जो रूठता है,
तो जख्म हरा हो जाता है, मान जाओ न पतिदेव।
हर पति तुम्हारे जैसा होना चाहिए, फिर किसी पत्नी
को कोई शिकायत नहीं रहेगी, सॉरी अब ये गलती दोबारा नहीं होगी!
जाने-अनजाने में हो जाती है भूल, ये जानती हूं,
इसलिए तुमसे सॉरी कहकर, अपनी गलती मानती हूं।
मेरा पति मुझे हंसाता है, मेरे आंसू पोछता है, बस मैं ही उससे लड़ती हूं,
उसे दुखी कर देती हूं, अब नहीं होगी ऐसी गलती, अब मान भी जाओ प्यारे पति।
वैसे तो सुकून है इस दिल में,
फिर भी प्यार का जुनून है दिल में, गलती हो गई माफ कर दो प्यारे पति।
हर पति तुम्हारे जैसा हो,
फिर किसी पत्नी को न कोई शिकायत हो, सॉरी अब ये गलती दोबारा नहीं होगी!
भगवान ने मुझे पति के रूप में जीने की वजह दी है, और मैंने अपनी
गलती से उस वजह को दूर कर दिया, माफ कर देना मुझे, सॉरी कहती हूं अब तुझे।
तुम्हारा प्यार मेरी ताकत है और इस ताकत को खोकर
मैं कमजोर नहीं पड़ना चाहती, जो हुई भूल उसके लिए सॉरी कहती हूं।
हमसफर प्यार करने वाला होना चाहिए,
पैसा तो हर कोई कमा लेता है..!!!
जब भी थक जाओ, तो मेरी चुप्पी को आवाज़ समझ लेना,
मैं हमेशा तुम्हारे लिए खड़ी रहूँगी।
तुम्हारे बिना सब कुछ है, पर सब अधूरा है,
सुकून बस तुम्हारे पास आता है।
जब आती है याद तुम्हारी, आंख बंद करके तुम्हे miss कर लेते है,
मुलाकात तो रोज हो नही पाती, इसलिए ख्वाबों में ही kiss कर लेते है..!!!
हम नही कहते की हमारा हाल पूछा करो,
बस खुद किस हाल में हो इतना बता दिया करो..!!!
मैंने तुम्हारे साथ लड़ना भी सीखा,
क्योंकि तुम्हारे बिना चुप रहना और मुश्किल था।
कभी तुम कुछ न कहो, तो भी मैं सब समझ लूँ,
ये रिश्ता सिर्फ शब्दों से नहीं बना।
तुम्हारी हँसी मेरे दिन की शुरुआत बन गई है,
और तुम्हारा नाम मेरी रात की दुआ।
पति की नाराज़गी को प्यार से दूर करने के अल्फ़ाज़
जब मैंने तुमसे शादी की, जब से 2 आत्माएं एक हो गईं,
आज तुम रूठकर इस प्यार को कम न करो, बहुत हुआ गुस्सा अब जल्दी से मुझे माफ करो।
मेरी आंखों में अपने लिए बेपनाह प्यार पाओगे,तुम मेरे लिए बहुत मायने रखते हो,
ये महसूस कर पाओगे अब तो माफ कर दो पतिदेव।
तुम मेरी खुशी हो, मेरी दुनिया हो
मेरा पूरा दिल हो, मेरे प्यारे पति अब तो मान जाओ।
जाने-अनजाने में हो जाती है मुझसे भूल ये जानती हूं,
पर मैं आप से सॉरी कहकर अपनी गलती मानती हूं।
मेरे लिए हर दिन खास है, क्योंकि मुझे पति के रूप में एक बेहतरीन दोस्त मिला है
और यह दोस्त मेरी गलतियों के लिए मुझसे ज्यादा दिन तक नाराज नहीं रह सकता। सॉरी!
मेरे प्यारे पति, मैं तुम्हारी हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी, मुझे अब चाहिए तुमसे एक गिफ्ट,
बस माफ कर दो और जल्दी आ जाओ घर कंप्लीट करके अपनी शिफ्ट।
तुम्हारी ये नाराजगी बहुत खल रही है,
सॉरी की आवाज मेरे दिल से निकल रही है।
आपके जैसा कोई मिला नहीं, कैसे मिलता कोई था ही नहीं,
मेरे पति अब नाराजगी खत्म करो।
मेरा और तुम्हारा रिश्ता टॉम और जेरी जैसा है, हम चिढ़ते हैं,
एक-दूसरे से झगड़ते हैं, लेकिन एक-दूसरे की टांग खींचे बिना रह भी नहीं सकते हैं। सॉरी!
तुम नहीं जानते कि हर सुबह यह सोचकर उठना कितना बुरा लगता है
कि तुम अब भी मुझसे नाराज हो, फिर कहती हूं सॉरी अब तो मुझे माफ कर दो।
मेरा चेहरा मेरे पति की वजह से खिला हुआ रहता है,
मेरे प्यारे पति अब तो मान जाओ और मेरे मुरझाए चेहरे पर हंसी ले आओ।
कुर्बान कर दूं अपनी ये सारी जिन्दगी तेरी इन आंखो पर,
तू वादा तो कर मुझे उम्र भर देखने का..!!!
माना कभी-कभी हम तकरार करते हैं,
लेकिन हम खुद से ज्यादा तुम्हें प्यार करते हैं।
मान लिया, हो गई गलती अब माफ कर दो,
दिल में जो गुस्सा है उसे साफ कर दो, कहती हूं आपको आई एम सॉरी!
मुझे एक मुलाकात ऐसी भी करनी है,
तुम्हारी गोद में सर रखकर दिल की हर बात करनी है..!!!
जब तुम उदास होते हो,
मेरे अंदर कुछ टूट सा जाता है।
मैंने कभी ज़ोर से प्यार जताया नहीं,
पर हर सांस में तुम्हारा नाम बसाया है।
तुमसे बहस कर सकती हूँ, पर दूर नहीं रह सकती,
तुम मेरी आदत नहीं, ज़रूरत हो।
सोचो कितनी गोर से देखा होगा तुम्हे मेरी आंखो ने,
के तुम्हारे बाद कोई चेहरा हसीन नही लगता..!!!
पति के लिए दिल छू लेने वाली माफी शायरी
गलतियाँ मेरी थीं, सजा क्यों तुमने पाई,
मेरे बिना कैसे रहोगे, ज़रा मुस्कुरा के तो बताई।
ना जाने किस ग़लती पर नाराज़ हो गए तुम,
हम तो बस तुम्हारे ही रहे, किसी और के कहाँ हुए हम।
रूठे हो तुम, तो ये दिल कैसे मुस्कुराएगा,
तेरे बिना तो मेरा हर लम्हा अधूरा रह जाएगा।
माना कभी-कभी हम तकरार करते हैं,
लेकिन हम खुद से ज्यादा आपको प्यार करते हैं।
हो गई गलती अब माफ कर दो, दिल में जो गुस्सा है
उसे साफ कर दो, कहती हूं आपको सॉरी!
मैं आपसे हजार बार माफी मांगने को तैयार हूं,
क्योंकि आप मेरे दिल के करीब, मेरे प्यार हो।
जाने क्यों सुकून मिलता है मुझे तुम्हारी मुस्कान देखकर
अब मुझे माफ कर दो अल्हड़ और नादान समझकर !
मेरी हर खुशी तेरी है और तेरा हर गम मेरा
माफ कर दे जाना, दिल न तोड़ेंगे दोबारा तेरा !
तुम्हारा साथ बहुत पसंद है मैं तुम्हारी याद से जिंदा हूं
रुसवा किया भरी महफिल में तुमको लौट आओ मैं बहुत शर्मिंदा हूं।
दुनिया का वही रिश्ता सबसे लंबा चलता है,
जिसमें एक हल्की सी मुस्कुराहट और प्यारी सी सॉरी हो।
जब कोई दिल से माफी मांगता है, तो वह दूसरे के दिल तक पहुंचता है
और रिश्ता टूटने से बच सकता है।
माना कभी-कभी आपसे नोक-झोंक और तकरार करते हैं,
लेकिन ये भी सच है कि हम सबसे ज्यादा आपसे ही प्यार करते हैं।
गिला भी करू तो किस्से करू,
इधर दिल अपना था, उधर तुम अपने थे..!!!
तुमने समझा ही नहीं, और ना ही समझना चाहा,
हम चाहते ही क्या थे तुमसे तुम्हारे सिवा..!!!
तुमसे बहस कर सकती हूँ, पर दूर नहीं रह सकती,
तुम मेरी आदत नहीं, ज़रूरत हो।
तुम्हारे कंधे पर सिर रखकर रो लेना,
कभी-कभी सबसे बड़ी राहत होती है।
प्यार जताने की ज़रूरत नहीं लगती,
तुम्हारी मौजूदगी ही बहुत कुछ कह जाती है।
सिर्फ एक बार आओ मेरे दिल में अपनी मोहब्बत देखने,
फिर लुटने का इरादा हम तुमपर छोड़ देंगे..!!!
इतने भी खफा ना हो मुझसे की मुझे,
तुम्हारे बिन रहने की आदत ही लग जाए…!!!
पति की नाराज़गी को प्यार से दूर करने के अल्फ़ाज़
ना जाने किस ग़लती पर नाराज़ हो गए तुम,
हम तो बस तुम्हारे ही रहे, किसी और के कहाँ हुए हम।
गलतियाँ मेरी थीं, सजा क्यों तुमने पाई,
मेरे बिना कैसे रहोगे, ज़रा मुस्कुरा के तो बताई।
वैसे तो सारा सुकून है इस दिल में
फिर भी तेरे प्यार का जुनून है दिल में गलती के लिए माफ कर दो डियर !
सच्चा प्यार वही होता है जो अपनी गलती ना होने पर भी,
अपना रिश्ता बचाने के लिए sorry बोल देता है !
आप मुझे इस तरह माफ कर दो,
जिस तरह आप उपरवाले से अपने लिए माफी मांगते हैं।
अब तो नाराजगी दूर करो, मानती हूं
हो गई गलती, अब तो माफ करो।
अब गलती तो हो गई है मुझसे, अब क्या मेरी जान लोगे,
माफ भी कर दो मेरे पतिदेव, ये रुसवाई अब सही नहीं जाती।
लोग कहते हैं कि अगर आप सही समय पर माफी नहीं मांगेंगे, तो अपनी अनमोल
चीज खो देंगे और मैं आपको खोना नहीं चाहती और आपसे जुदा होना नहीं चाहती।
गलतफहमियों से भी खत्म हो जाते हैं रिश्ते
हमेशा कसूर गलतियों का नहीं होता !
तेरे बिना घर तो है, मगर आशियाना नहीं,
तेरे बिना ये साँसें हैं, मगर ज़िंदगी का बहाना नहीं।
छोड़ दो गुस्सा, गले लगा लो मुझे,
तेरी मुस्कान से ही सजते हैं ये ख्वाब मेरे।
माफी मांगने से बातें सुलझती नहीं, लेकिन तकलीफ तो कम हो सकती है,
इसलिए मुझे माफ करके मेरी तकलीफ कम कर दो।
मुझे आज हो गया है अपनी गलती का एहसास और समझ आ गया है कि तुम ही हो
मेरे लिए खास, मांग रही हूं दिल से माफी, नाराजगी छोड़कर अब तो कर दो माफ।
सॉरी कहते-कहते दिन से रात हो गई, आइना देखते-देखते,
आपसे हजारों बात हो गई। प्लीज मुझे माफ कर दो।
तुम्हारे आने से घर में सिर्फ रौशनी नहीं,
एक सुकून भी आ जाता है।
मिलने की तरहा वो मुझसे पल भर नही मिलता,
दिल भी उससे मिलता है, जिससे मुकद्दर नही मिलता..!!!
जब भी कुछ अच्छा होता है,
सबसे पहले तुम्हें बताने का मन करता है।
हजारों से बात बिगड़ी थी, जब तुम्हे अपनाया था,
पर तुम भी वही निकले, जो लोगो ने बताया था..!!!
कभी तुम खामोश हो जाओ,
तो मेरा मन खुद-ब-खुद बेचैन हो जाता है।
आंखो ने देखे है, बहुत से हसीन चेहरे मगर,
रब कसम, किसी को तेरे सिवा रब से नही मांगा..!!!
मैं ज़ोया हूँ…
पिछली बार मैंने “Best Yaar Hindi Shayari” पर लिखा था और आज ये दिल छू लेने वाली बातें ले आई। कभी सोचा है? पति-पत्नी की ज़िंदगी वही छोटी-छोटी कोशिशों से सुंदर बनती है। अगर पति रूठ जाए तो अहंकार छोड़कर प्यार से उन्हें मनाना चाहिए। कभी दो मीठे शब्द काफी होते हैं, तो कभी एक प्यारी-सी शायरी उनके चेहरे पर मुस्कान ले आती है। रिश्ते तभी लंबे चलते हैं जब नाराज़गी से ज्यादा अपनापन रखा जाए।


