Takleef Dard Broken Heart Shayari

Takleef Dard Broken Heart Shayari

Takleef Dard Broken Heart Shayari – Zoya ke Dil ke Zakhm Se

कभी-कभी न दर्द दिखता है, न बोला जाता है… बस दिल के अंदर सड़ता रहता है, जैसे किसी ने अधूरी मोहब्बत को सीने में बंद कर दिया हो। Takleef Dard Broken Heart Shayari लिखते हुए आज मेरा दिल थोड़ा भारी है। शायद इसलिए कि जब कोई दिल तोड़ता है, तो वो सिर्फ़ भरोसा नहीं, इंसान का अंदरूनी सुकून भी तोड़ देता है।
कहते हैं ना — प्यार में गिरना आसान है, पर उस दर्द से उठना… बहुत मुश्किल। कुछ ज़ख्म वक्त नहीं भरता, और कुछ यादें जान-बूझकर भूलना नामुमकिन होता है। मैंने भी कोशिश की थी किसी को भूलने की, पर जब भी दिल की धड़कन सुनती हूँ, उसमें अब भी उसका नाम सुनाई देता है…

जब मोहब्बत दर्द बन जाए

टूट के भी मोहब्बत छोड़ नहीं पाए,
शायद दिल अभी भी उसी के नाम का है ।

प्यार में सिर्फ एक गलती करी थी,
दिल दे दिया था और समझना छोड़ दिया था।

अभी शहर में ही हूँ तेरे कम से
कम मेरे जाने तक जो जश्न टाल दे।

उसने जो तोडा वो सिर्फ दिल नहीं था,
वो भरोसा भी था — जो अब किसी पे ना होगा ।

हर आंसू के साथ, एक हिस्सा टूटता है,
अकेले मैं शोक मनाता हूँ, प्यार के लिए।

वो मुझसे बिछड़कर अबतक रोया नहीं यारो
कोई तो है हमदर्द जो उसे रोने नही देता !!

बहुत देर लगादी तूने आते-आते ए वक़्त,
अब तू रहने दे, तुझ से न बात बन पाएगी।

तुमने दिल तोड़ा हमने माफ़ किया,
हमने दिल तोड़ा तुमने रिश्ता ही तोड़ लिया..!!

सुना है कोई चीज़ हमेशा नहीं ठरहती,
फ़िर ये दर्द क्यूँ ठहरा हुआ है

कौन रखेगा हमें याद इस हाल ए खुदगर्जी में
हालात ऐसी है के लोगो को खुदा याद नहीं !!

पकड़कर नब्ज मेरी हकीम ये बोला
वो जिंदा है तुझमें तू मर चुका है जिसमें !!

इश्क वालो को फुशरत कहा की वो गम लिखेंगे
कलम इधर लाओ बेवफाओ के बारे में हम लिखेंगे !!

मेरी नहीं होती तो किसी और की हो जाओ
की तुम्हे यूह तन्हा देखकर अच्छा नही लगता.

दूरियों का गम नहीं, अगर फासले दिल में न हो,
नजदिकियां बेकार है, अगर जगह दिल में न हो।

लाख कोशिश की इस दिल को मनाने,
कमबख्त मानने को तैयार नही।

अब तो ख्वाबों में भी तेरा चेहरा नहीं आता
लगता है तूने मेरी यादों से भी किनारा कर लिया !!

जब भी दिल टुटता है,
तो दर्द बहुत होता है।

टूट सा गया है मेरी चाहतों का वजूद
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते !!

खंजर भी हैरान था मेरे ज़ख्म देखकर
बोला क्या इश्क़ में मुझसे तेज धार होती है !!

मेरे घर में रहता है कोई मेरे ही जैसा
मुझे तो मरे हुए ज़माना हो गया !!

एक भी काम की ना निकली हाथ भरा
पड़ा है मेरा बेमतलब की लकीरों से !!

उसकी गली से होकर गुजरेगा जनाजा मेरा
फरिश्तों ने ये लालच देकर मेरी जान ले ली !!

टूटे दिल की चुप्पी भी चीखती है

उनकी तस्वीर से बात करने लगे हैं,
क्या करे शकल तो वो अब दिखाना भी नहीं चाहते।

वक़्त बदला, लोग बदले,
पर दिल वही रुका रहा, तेरे इंतज़ार मे।

इश्क़ में मेरा इस कदर टूटना तो लाज़मी था
कांच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी !!

बहुत देर लगादी तूने आते-आते ए वक़्त,
अब तू रहने दे, तुझ से न बात बन पाएगी।

कोई नहीं था मेरे पास दिलासा देने के लिए,
में अपने ही कंधे पे सर रखकर रो पड़ा।

दिल की उम्मीदों का हौसला तो देखो,
इंतज़ार उस वक्त का है जिसको एहसास तक नहीं।

बितानी तो एक उम्र है तेरे बिन,
पर गुजरता तो एक लम्हा भी नही…!

समय – अब मैं आ गया हूँ तेरे पास, अब दुनिया तुझे
नहीं आज़माएगी, जिसे तूने खोया है.. वो भी वापस मिल जाएगी।

जिसे दुनिया समझ आती जायेगी,
वो अकेला होता जायेगा

अधूरे चांद से फरियाद तो करता होगा,
वो मुझे ज्यादा नहीं पर याद तो करता होगा !!

गम बहुत है, खुलासा मत होने देना
मुस्कुरा देना मगर तमाशा मत होने देना !!

दिल छोड़ कर और कुछ माँगा करो हमसे
हम टूटी हुई चीज़ का तोहफा नही देते है !!

एहसास दिलाती थी वो हर बार मुझे,
की मै कभी उसका नहीं हो सकता !!

हर तरफ ढूँढा उसे,
अब तो कदमो ने भी हार मान लिया !!

रोज़ तेरे बग़ैर चलने की कोशिश करता हूँ,
पर जब ठोकर लगती है तो तेरा ही हाथ ढूँढता हूँ ..

फिर नहीं बसते वो दिल जो एक बार टूट जाते हैं
कब्र कितनी ही संवारो कोई ज़िंदा नहीं होता !

बहुत अंदर तक जला देती हैं
वो शिकायतें जो बयान नहीं होती !!

आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो जायेगे
गम ना सही हम हो जायेंगे !!

दिल छोड़ कर और कुछ माँगा करो हमसे
हम टूटी हुई चीज़ का तोहफा नही देते है !!

आँखों में रहकर भी तुम नज़र नहीं आते
तेरे बिना अब तो हम जी भी नहीं पाते !!

मेरे घर में रहता है कोई मेरे ही जैसा
मुझे तो मरे हुए ज़माना हो गया !!

जब हर याद ज़हर लगे

कोई भी रिश्ता सिर्फ तभी चलता है,
जब निभाने की चाहत दोनों तरफ से बराबर हो।

दूर होने की मजबूरी तो लोग ऐसे बताते है
जैसे मिले भी मजबूरी से थे

उस बेवफ़ा को अपना समझा जिसे हमने इतना प्यार किया
उसने किया हमसे सिर्फ धोखा हमने फिर भी एतबार किया !!

हर दिन एक नयी उदासी लेके आता है,
दिल के ज़ख्म तो रोज़ ताज़ा हो रहे है।

शिकायत जो नहीं करते,
तकलीफ उन्हें भी होती है।

हर रिश्ते मैं ज़बरदस्ती ज़रूरी नहीं,
जिसको जहा सुकून मिले वह छोड़ देना चाहिए ।

रूबरू मिलने का मौका मिलता नहीं है रोज
इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने

इतनी क्या जल्दी है मुझे छोड़ने की
अभी तो हद बाकी है मुझे तोड़ने की !!

उसकी गली से होकर गुजरेगा जनाजा मेरा
फरिश्तों ने ये लालच देकर मेरी जान ले ली !!

अजीब अंधेरा है तेरी महफ़िल में ऐ इश्क़,
किसी ने दिल भी जलाया तो उजाला ना हुआ।

वो कहते थे नहीं रह पायेंगे हम तुम्हारे सिवा किसी और के साथ,
और उनके झूठ को भी हम सच समझ बैठे..!!

अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का
की मुझे भूल जाओ तो मनु मोहब्बत है

तुम्हारे बाद फिर कहां किसी की हसरत रहेगी
खमखा उम्र भर मोहब्बत से नफरत रहेगी !!

मेरा हाल देख कर मोहब्बत भी शर्मिंदा है
की ये शख्स सब कुछ हार गया फिर भी जिंदा है !!

अब दर्द होता है तो दवा खा लेता हूँ
लोंगो ने मरहम के नाम पर सिर्फ घाव ही दिए है !!

आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो जायेगे
गम ना सही हम हो जायेंगे !!

हमतो लाइलाज लोग है जनाब
दुआ तो उसे भी देंगे जो हमे ज़हर देगा !!

काश तुम समझ जाते मिजाज मेरा
कितना आसान था इलाज मेरा !!

अब तो ख्वाबों में भी तेरा चेहरा नहीं आता
लगता है तूने मेरी यादों से भी किनारा कर लिया !!

सुकून की तलाश में हम दर्द बेचने निकले थे
खरीदार ऐसा मिला दर्द भी दे गया दिल भी ले गया !!

Main Zoya hoon… pichhli baar maine Best Patidev Shayari likhi thi, aur aaj likh rahi hoon dil ke zakhmon se nikle lafz. कहते हैं, दर्द वही समझता है जिसने खुद झेला हो। और शायद इसलिए मुझे लगता है, हर टूटे दिल की कहानी थोड़ी मेरी भी है। मैंने भी उन खामोश रातों में रोया है जहाँ सिर्फ़ तकिए ने मेरा राज़ जाना… और हर सुबह मुस्कुराने की कोशिश की, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।

प्यार जब टूटता है, तो इंसान बदल जाता है। वो वही नहीं रहता। पर मैं ये भी मानती हूँ — हर दर्द के पीछे एक सबक होता है। हर टूटे हुए दिल के पीछे एक नई शुरुआत छुपी होती है। शायद यही वजह है कि मैं आज भी लिखती हूँ… क्योंकि जो टूटा है, वही सबसे ज़्यादा महसूस करना जानता है।

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