Best 50+ Gussa Love Shayari

Best 50+ Gussa Love Shayari

Best 50+ Gussa Love Shayari – जब प्यार में नाराज़गी भी इज़हार बन जाती है

कहते हैं ना… Best Gussa Love Shayari वही समझ पाता है जिसने किसी अपने का गुस्सा सहा हो — वो गुस्सा जो दिखने में तुफ़ान लगता है, पर असल में मोहब्बत की गहराई छिपाए रखता है। प्यार में कभी-कभी ना, बातें नहीं, बस खामोशियाँ बोलती हैं… और वो खामोशियाँ गुस्से के रूप में बाहर आती हैं।
मैं ज़ोया हूँ… और आज मैं बात करने वाली हूँ उस “प्यार भरे गुस्से” की, जो कभी रूठे लफ़्ज़ों में छिपा होता है, कभी आँखों की नमी में, तो कभी किसी अधूरे कॉल में। प्यार में गुस्सा होना गलत नहीं — क्योंकि जो सच में प्यार करता है, वही तो सबसे ज़्यादा नाराज़ भी होता है।
कभी-कभी वो गुस्सा चिल्लाकर नहीं, बल्कि चुप रहकर जताया जाता है… और उस चुप्पी के पीछे का दर्द, वो तो सिर्फ़ दिल समझता है।

प्यार में गुस्सा भी इज़हार का एक तरीका है

मैं कैसे मनाऊं उसे, वो नादान है बहुत,
गुस्सा कर के मुझपे खुद भी परेशान रहते हैं।

मुझे उसकी ये मासूम अदा बहुत भाती है,
वो नाराज मुझसे होते हैंऔर गुस्सा सबको दिखाते हैं।

जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है।

हम उनको कुछ नही समझते
जो खुद को बहुत कुछ समझते है.

बहुत दिन हो गए आपके दर्शन नही हुए,
कहीं आप भाड़ में तो नहीं चले गए.

गुस्सा इतना है कि तुमसे कभी बात भी न करू,
फिर भी दिल में तेरी फ़िक्र खुद से ज्यादा है।

छोड़ दी मैने सफाई देनी,
गलत हूं बात खत्म.

जब आप अपने गुस्से पर काबू पा लेते हो,
तो आप अपने आप पर काबू पा लेते हो।

वैसे तो हमारे अंदर atitude नहीं है,
पर लोग दिखाने पर मजबूर कर देते है.

देखों इस अजीब तरह से भी इश्क़ हमसें निभाती है वो,
हमी पे गुस्सा कर फ़िर कंधे पर सर रख सो जाती है वो।

गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है।

वो इश्क़ जो हकीकत में इश्क़ होता है, ज़िन्दगी में सिर्फ एक बार होता है,
निगाहों के मिलते मिलते दिल मिल जाये, ऐसा इत्तेफाक सिर्फ एक बार होता है.,

बेपनाह मोहब्बत का एक ही उसूल है,
मिले या ना मिले, तू हर हाल मे कबूल है।

गुस्से में भी शब्दों का चुनाव ऐसा होना चाहिए,
की कल गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा ना होना पड़े।

तेरे गुस्से में भी वो बात है जानम,
जो तेरी मोहब्बत में भी नहीं मिलती।

नाराज़ तू जब होती है न,
तब लगता है दुनिया की सबसे हसीन चीज़ — तेरी खामोशी है।

प्यार लफ़्ज़ों में नहीं होता, दिल में होता है,
और गुस्सा दिल मे नहीं, लफ़्ज़ों में होता है।

मौजूदगी जरूरी नहीं जरूरी एहसास है, मैं कही दूर नहीं तुम्हारे आस पास हो,
देखो तो जरा मन की आँखों से, मैं हर कदम पर तुम्हारे साथ हू.,

बस यही सोचकर की, क्या कहेगा ये जमाना..
गुस्से को काबू में करके, पड़ता है मुझे मुस्कुराना..!

तेरे गुस्से में भी वो नशा है,
जो तेरे प्यार में है… फर्क बस इतना कि दर्द थोड़ा ज़्यादा है।

तू नाराज़ रहती है तो दिल को चैन नहीं आता,
तेरी मुस्कान ही तो मेरी सुबह की पहली दुआ है।

गुस्सा बहुत आता है जब काबू में नहीं होता है,
जब नुकसान होता है तो दुख बहुत होता है।

सिस्टम के नीचे नही आने का,
सिस्टम को अपने नीचे रखने का.

घमंड नही है बस जहां दिल
नही करता वहां बात नही करती.

तुम्हे गुस्सा करने का हक़ है मुझ पर नाराजगी में,
ये मत भूल जाना कि हम बहुत प्यार करते है तुमसे।

जब भी खोलो आप अपनी पलकें, उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो,
मुझे मालूम है तुमने बहुत बरसातें देखी है, मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है.,

जब मोहब्बत में खामोशी गुस्से से भारी हो जाए

हम गुस्सा उन से होते हैं, जिन पे हमें यकीन होता है, कि वो हमें
मना लेंगे, और हम मनाते उसे हैं, जिसे हम कभी खोना नहीं चाहते।

किस बात पर गुस्सा है, ये पूछने
वाला हो तो,मुस्कान क़भी नहीं जाती।

जिन्हें गुस्सा आता हैं वो लोग सच्चे होते है,
मैंने झूठो को अक्सर मुस्कराते हुए देखा है।

गुस्सा बहुत चतुर होता है अक्सर
कमजोर पर ही निकलता है।

नाराज होना आपसे गलती कहलाएगी, आप हुए नाराज तो ये सांस थम जाएगी,
आप हँसते रहें यूं ही जिंदगी भर, आपकी हँसी से हमारी जिंदगी संवर जाएगी।

वहम निकाल देना ये अपने दिमाग से,
हम डरने वाले नही है किसी के बाप से.

गुस्सा क्यों करते हो बात-बात पर
तुम,शक ज्यादा करते हो या प्यार.

जब कोई गुस्से में आपके सामने बात करे, तो उसे खामोशी के साथ गौर से
सुने, क्योकि इंसान अक्सर गुस्से मे बहुत कड़वा बोल देता है।

अगर तुम वकील बदलने की बात करते हो,
तो जज खरीदने की औकात हम भी रखते है.

तुम पर गुस्सा आता ही नहीं,
ना जाने कितनी मुहब्बत कर बैठा हूँ तुमसे.,

कुछ पल का गुस्सा रोककर सब सही करना, या कुछ पल के गुस्से के लिए,
सब ख़तम करना, यह सही नहीं।

दो-चार रोज को मौन भला, महीनों मातम में न बदल देना,
गले लगा लेना मुझको, या हो सके तो गला दबा देना मेरा।

मेरा गुस्सा वहां पर ख़त्म हो जाता है जहां,
प्यार से वो पगली बोलती है अच्छा बाबा सॉरी.,

जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर,
ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को न दें.,

खफा भी रहते हैं और वफा भी करते हैं, इस तरह अपने प्यार को बयान भी करते हैं,
जाने कैसी नारजगी है मेरी उनसे, खोना भी चाहते हैं और पाने की दुआ भी करते हैं।

जब किस्मत और हालत खराब हो,
तो बहुत कुछ सुनना भी पड़ता है.

जितनी इज्जत करती हु उतनी उतार भी सकती हु,
इसलिए कायदे में रहोगे, तो फायदे में रहोगे.

हम टकराते भी उन्ही लोगो से है,
जो खुद को शेर समझते है.

Ghamand किस बात का है जनाब,
तेरे जैसों को मैं महफिल में नचाती हु.

ना पेशी होगी ना गवाह होगा,
जोभी हमसे उलझेगा सीधा तबाह होगा.

न वो आये न उनकी कोई खबर, इंतज़ार में उनके तड़पे इस कदर, हमसे खता हुई
तो बता देते हमे, ऐसी भी क्या नाराजगी थी हमसे, जो हटा बैठे अपनी प्यारी सी नजर।

तुम्हारा गुस्सा भी इतना प्यारा है की,
दिल करता है तुम्हे दिन भर तंग करते रहे।

रिश्ते बेशक कम टिकते है हमारे,
क्योंकि हमे हर बात मुंह पर बोलने की आदत है.

होते रहोगे तुम गुस्सा जब जब..
याद करोगे चाहत मेरी तब तब..

हर किसी पर खफा होते रहोगे तो कैसे चलेगा साहब..
अगर रहोगे हमेशा गुस्सा तो कैसे माफ़ करेगा मज़हब..

गुस्से में कही बातें भी कभी-कभी मोहब्बत होती हैं

तेरा गुस्सा भी अब प्यारा लगने लगा है,
शायद हम वाक़ई प्यार में डूब चुके हैं।

गुस्सा कर ले जितना चाहे,
हम तुझे मनाने की वजह ढूंढ ही लेंगे।

तेरी नज़रे झुकी है, कोई कमल किया है क्या..!!
मुह कु है टिंडे जेसा फुला, फिर तुम्हे गुस्सा आया है क्या..!!

गुस्सा आना सबके लिए जरुरी हैं पर उसे
निकालना कहा हैं ये समझना ज्यादा जरुरी हैं.

तेरे गुस्से में भी प्यार छिपा है,
वरना यूँ कौन किसी पर जान छिड़कता है।

नाराज़गी में भी तेरा नाम ही आता है ज़ुबां पर,
क्योंकि गुस्सा भी तुझसे शुरू होकर तुझ पर ही खत्म होता है।

गुस्सा तेरा भी अब दुआ लगता है,
क्योंकि उसमें भी तू शामिल होती है।

हमसे रूठना तेरी आदत है शायद,
पर मानना अब हमारी ज़रूरत बन गया है।

इतनी सारी शिकायतें थी उनके आने से पहले,उन्होंने
आकर हाल क्या पूछा, अपनी शिकायतों पे गुस्सा आ गया।

मुझे गुस्सा उन पर नहीं खुद पर आता है,
के मैंने इतनी ज्यादा उन्हें मोहब्बत क्यों दी थी।

कैसे कह दें कि उनके कुछ नहीं लगते हम,
उनके गुस्से पर आज भी हमारा ही हक है।

टिड्डी सा इश्क तेरा, मच्छर सा दिल है,
गुस्से से मुह है इतना फुलाया, मुह है या बतख का घर है..!!

तेरे गुस्से पर मुझे आज बहुत प्यार आया,
कोई तो है जिसने मुझें इतने हक़ से धमकाया।

जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग ही सच्चे होते हैं,
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है.,

उसकी आंखों में पढ़ ली थी वो बाते मैंने,
जिन्हे छुपाने के लिए वो गुस्सा दिखाया करती थी.,

दिल की दीवार में नाम आपका है, जाओ पहले रेहट पोहच कर आओ,
अंदर दिल के रहना आपको ही है, इसमें नुख्सान आपका ही है..!!

तुम जब गुस्सा हो जाते हो तो ऐसा,
लगता है मनाते मनाते ज़िन्दगी गुजार दूँ.,

गुस्सा इतना है कि तुमसे कभी बात भी न करू,
फिर भी दिल में तेरी फ़िक्र खुद से ज्यादा है.,

तुम्हारा गुस्सा भी इतना प्यारा है की,
दिल करता है तुम्हे दिन भर तंग करते रहे.,

गुस्से में बड़ी क्यूट लगते हो, ये गलत फेमि है आपकी!!
आइने में देखो जाके एक बार, तुम एक जंगली भूत लगते हो..!!

अकेले रहने दो यार मुझे,
तंग हो गया हु रोज़ गुस्सा होके..!!

तुम्हारे चेहरे पर गुस्सा देख कर ना जाने
क्यूँ, तुम पर और भी प्यार आता हैं।

हर शख्स के चेहरे पर उदासी है, गम है, गुस्सा है,
शहर मैं ये कौनसी खैरात बंट रही है मुझे भी देखना है.,

मुह फुलाए रहना है अब अकेला,
क्युकी अब मुह देखने वाला साथ नहीं है..!!

तुम्हारे चेहरे पर गुस्सा देख कर ना जाने
क्यूँ, तुम पर और भी प्यार आता हैं।

सर पर गुस्सा है और दिमाग मेरा खाली है, ना जाने किसकी लगी है नज़र,
पर में हुआ हु क्या नाकाम, अब गुस्सा ही आता है अक्सर..!!

पिछली बार मैंने “Best Sali Love Shayari” लिखी थी, जहाँ शरारत में प्यार छिपा था। आज “Best Gussa Love Shayari” में मैंने वो लफ़्ज़ लिखे हैं, जहाँ नाराज़गी में भी दिल धड़कता है। कभी सोचा है, अगर गुस्सा न होता तो प्यार में वो intensity कैसे आती? हर रिश्ता जहाँ कोई किसी से रूठता नहीं, वहाँ गहराई भी नहीं होती। गुस्सा उस रिश्ते की निशानी है — कि हम अब भी परवाह करते हैं, अब भी चाहते हैं कि सामने वाला हमें समझे।

मैंने देखा है… कुछ लोग गुस्से में सब तोड़ देते हैं, और कुछ गुस्से में ही सब बचा लेते हैं। शायद असली मोहब्बत वही है — जहाँ गुस्सा भी प्यार का एक नया रूप बन जाता है। Best 50+ Gussa Love Shayari लिखते हुए मुझे एहसास हुआ कि प्यार सिर्फ़ हँसी-मज़ाक या रोमांस नहीं होता… वो तब सच्चा होता है जब हम किसी के गुस्से में भी उसकी मासूमियत देख पाते हैं।

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