Barish Shayari sirf bheegne ke lamhon ko bayaan nahi karti, yeh dil ke andar girti un yaadon ki boonden hoti hain. Main Zoya — aur aaj main aapke saath baantne ja rahi hoon kuch bheegi hui shayariyaan, jo pyaar ke baad ki khamoshi mein bhi awaaz ban jaati hain.
Pichhle article mein humne Love Shayari ke narm jazbaat mehsoos kiye the. Lekin jab pyaar adhoora reh jaata hai, toh barish hi hoti hai jo us dard ko samajh paati hai. Har boond mein ek yaad basti hai… aur har yaad mein uska chehra bheeg jaata hai.
Chaliye shuru karte hain yaadon ka safar — kuch dil chhoo lene wali Barish Shayariyon ke saath.
35+ Barish Shayari in Hindi
बरसती रातों में तेरा ख्याल आया,
हर बूंद ने मुझे फिर से तुझसे मिलाया,
ये बारिश भी जैसे तेरे दर्द को बहा लाया।
कभी जी भर के बरसना,
कभी बूंद बूंद के लिए तरसना,
ये बारिश तेरी आदते मेरे यार जैसी क्यों है
बारिश की बूंदें, छूने आईं हवा,
दिल की धड़कन, है बरसात का इंतजार।
छाई हुई रात, है दिल की मुलाकात,
बारिश की राहों में, है प्यार की बरसात।
बारिश की बूंदें, कह रहीं हैं बातें,
दिल की हर धड़कन, है बरसात की राहें।
रिमझिम बरसात में, है इश्क का मौसम,
बारिश की बहार, है प्रेम की कहानी का संग।
मिट्टी की खुशबू लेकर आई है बूँदें,
बेरंग सी ज़िन्दगी में रंग लाई हैं बूँदें।
बरसात की रातों में तन्हा न समझना,
चुपके से तेरे पास आकर मुस्कुराई हैं बूँदें।
आसमान की बाहों से उतरकर ज़मीन पे आईं,
तेरे ख्यालों को फिर से भिगोने आई हैं बूँदें।
पलकों पे ठहर कर जो गिरने को हैं बेताब,
वो अश्क नहीं, तेरी यादें हैं, जो बन गईं हैं बूँदें।
न जाने क्यों हर बारिश में तेरा ख्याल आता है,
भीगते पलों में तेरा नाम बरस जाता है।
हवाओं में तुझसे मिलने की कसक होती है,
हर बूँद कुछ अधूरा सा कह जाती है।
बरसात की बूंदें जब धरती पे बरसती हैं,
सूखी उम्मीदों को फिर से हरा करती हैं।
मुश्किलों के बादल चाहे जितने घने हों,
हौसले की धूप से छँट ही जाते हैं वो।
देखो तो ज़रा, क्या नज़ारा है,
बारिश ने सब कुछ कितना संवारा है।
धुल गए हैं पेड़, धुल गई है धूल,
प्रकृति का ये रूप कितना प्यारा है।
गरजते बादल, बरसती बूँदें, ये कैसा समाँ है,
जैसे आसमाँ भी आज खुशियों से भर गया है।
हर कतरा पानी का एक नई कहानी कह रहा है,
तेरे प्यार में आज मेरा दिल बहक रहा है।
रिमझिम बरसात, है दिल का हर दर्द मिटाती,
बारिश की बूंदें, हैं प्रेम का इन्तज़ार।
छुपा हुआ प्यार, है बारिश की रातों में,
बारिश की बहार, है दिल की मुलाकात।
कागज़ की कश्ती और बारिश का पानी,
बचपन की यादें फिर से ताज़ा हो जाती हैं।
वो बेफ़िक्र लम्हें, वो मासूम अदाएँ,
हर बूंद के साथ वो पल लौट आती हैं।
देखो, बादल कैसे बरस रहे हैं,
जैसे कोई दिल अपनी कहानी सुना रहा हो।
ये सिर्फ़ पानी नहीं, ये आँसुओं की धारा है,
जो हर ज़ख़्म को धोकर, दिल को साफ़ कर रहा हो।
2 Line Barish Shayari
पहली बारिश का नशा ही कुछ अलग होता है,
पलकों को छूते ही सीधा दिल पे असर होता है।
ये बारिश का मौसम और तुम्हारी याद,
चलो फिर मिलते हैं इसी बहाने से आज।
बारिश में अक्सर लोग छाता खोल लेते हैं,
मगर कुछ लोग ऐसे ही भीगना पसंद करते हैं।
शायद उन्हें भी पता है, कि कुछ दर्द सिर्फ़ बारिश ही धो सकती है।
ये बारिश नहीं, ये तो प्यार का सैलाब है, जो मेरे दिल में उमड़ रहा है।
हर बूँद में तेरी महक है, जो मुझे तेरी ओर खींच रहा है।
मिट्टी की महक और भीगी हुई रात,
काश आज हो जाए तुमसे एक मुलाकात।
सुना है बारिश में दुआ क़बूल होती है,
अगर हो इजाज़त तो तुम्हें मांग लूँ?
ठंडी हवा के झोंके, बारिश की फुहारें,
कैसे रोकें खुद को, जब यादें पुकारें।
बादलों की हलचल ने कुछ यादें जगा दीं,
तेरी हँसी की गूँज फिर से हवा में सजा दी।
कागज़ की कश्ती लेकर, बचपन याद आ गया,
बारिश के पानी में, फिर से मन बहल गया।
सावन की ये बारिश, प्यार बरसाती है,
हर उदासी को दूर, खुशियाँ ले आती है।
बारिश की हर बूंद एक नई कहानी सुनाती है,
ज़िंदगी की राहों में कभी हँसाती, कभी रुलाती है।
बारिश में भीगी हर शाम एक नई उम्मीद लाती है,
ज़िंदगी के सफ़र में ठहरे कदमों को फिर चलाती है।
बरसात की बूंदें जैसे ज़िंदगी के जख्मों पर मरहम लगाती हैं,
भीगते हैं हम, पर अंदर की सूखी प्यास न बुझ पाती है।
भीगी राहों पर चलना सिखा गई बारिश,
ज़िंदगी के हर मोड़ पर रुकना सिखा गई बारिश।
बारिश की बूँदें जैसे सपनों को सजा जाती हैं,
ज़िंदगी के वीराने में उम्मीदें जगा जाती हैं।
बरिश का यह मौसम कुछ याद दिला देता है,
किसी के साथ होने का एहसास दिला देता है,
बरसात की रातों में हैं कहानियों की बहार,
दिल के सवालों का है जवाब, बरसा हैं इन बारिशों में प्यार।
बरस जा ओ बारिश, दिल के अरमान पूरे कर दे,
दुखों की धूल धो दे, सुखों की बौछार कर दे।
बरसात की बूंदों में छुपा है एक राज,
दिल की धड़कनों को कहता है बरसा हैं ख्वाब।
बारिश जब जब हुआ करती है
तेरे मेरे रिश्ते को और सुहाना कर देती है
ए बारिश तू इतना न बरस की वो आ न सके
और उसके आने के बाद इतना बरस की वो जा न सके!
बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई
कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई।
मिट्टी की खुशबू, हवा में घूम जाती है,
बारिश के महक से, आत्मा झूम जाती है।
बारिश में तुम्हारा साथ चाहता हूँ मैं
तुम्हारे हाथों में अपना हाथ देना चाहता हूँ मैं
गुजारिश करता हूं कि उससे अकेले में मुलाकात
हो ख्वाहिश ए दिल है जब भी हो बरसात हो..!
कभी ख़ुशी कभी गम, कभी विस्की कभी रम,
ये हैं मॉडर्न बारिश की सरगम।
Kabhi kabhi lagta hai barish bhi meri tarah rota hai — khamoshi se, lekin puri shiddat se. Shayad isiliye mujhe Barish Shayari likhne ka junoon sa ho gaya hai… har alfaaz mere bheegte dil ka ek tukda hai. Agar aapko meri yeh shayariyaan pasand aayi ho, toh zarur batayein… Shayad hum dono kisi ek yaad mein bheeg rahe ho.
Agli baar, main Zoya phir wapas aaungi — dard ke ek aur gehre mod ke saath, jahan har shayari ek chhupa hua zakhm hogi. Tab tak, apne aansuon aur barish dono mein thoda sa farq rakhna seekh lijiye…


